समरसता के अंगीकरण से ही समर्थ भारत का निर्माण संभव। मूलचंद सोनी

7 फरवरी / उदयपुर / सेवा कार्य कोई छोटा या बड़ा नही होता , सभी प्रकार के सेवा कार्यों से समाज में चेतना जाग्रत होती है । समरस समाज द्वारा ही समाज में व्याप्त विषमताओं एवं समस्याओं को दुर किया जा सकता है । उक्त विचार सेवा भारती राजस्थान के संगठन मंत्री मूलचंद सोनी ने सेवा भारती चिकित्सालय के प्रतिवेदन फोल्डर विमोचन समारोह व समिति की बैठक में व्यक्त किए । सोनी ने कहा की सामाजिक समरसता बढ़ाने के लिए सेवा परोपकार एवं पर दुःख कातरता के भावों का जागरण समाज के व्यक्ति में करना होगा । सामाजिक समरसता की कसौटी पर खरा उतरने के लिए सभी समाजों को एक कुआ , एक मन्दिर , एक शमशान की अवधारणा पर सहमति बनाकर इसे आचरण में लाना होगा ।

विमोचन डॉ उमाशंकर शर्मा पूर्व कुलपति महाराणा प्रताप कृषि विश्वविद्यालय व मूलचंद सोनी ने किया । प्रबन्ध निदेशक यशवन्त पालीवाल ने चिकित्सा के क्षेत्र में चिकित्सालय द्वारा उपलब्ध करवाई जा रही सेवाओं का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया । बैठक में चिकित्सालय समिति के रवि नाहर , दिनेश सुखवाल , रोशनलाल जैन ,फतहलाल पारीक , शिवनारायण नायक , डॉ बी एल सिरोया , डॉ रिखब लूंकर , डॉ राहुल आमेटा , डॉ अर्पित गोयल , लता नायक , श्रद्धा गट्टाणी , सुभाष सुक्लेचा , भगवान वैष्णव, आर सी मेहता आदि उपस्थित थे । वरदीचंद राव , प्रचार प्रमुख ।